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छापेमारी के विरोध में मोबाइल एसोसिएशन, पुलिस के खिलाफ बिगुल बजाने की तैयारी

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गाजियाबाद। मोबाइल विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर जिले भर में की गई पुलिस की कार्रवाई पर गाजियाबाद टेलीकॉम एसोसिएशन और गाजियाबाद मोबाइल रिटेलर एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं। अचानक से दुकानों पर पुराने मोबाइलों को सील करने पर दोनों एसोसिएशन का कहना है कि व्यापारी चोर नहीं हैं। दुकानों पर छापे मारने का विरोध किया जाएगा। मामले में सोमवार को दोनों एसोसिएशन ने बैठक भी बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

शनिवार को पुलिस ने जिलेभर में मोबाइल विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी की थी। पुराने मोबाइल को पुलिस ने सील भी किया था। इस पूरी कार्रवाई पर व्यापारियों का कहना है कि पुलिस के अधिकारी जब फोन को रिपेयर के लिए लाते हैं, तब आईडी प्रूफ नहीं देते। ऐसे में आम लोग कहां से आईडी प्रूफ लेकर मोबाइल ठीक कराने आएंगे और व्यापारी कितने ग्राहकों का डाटा रखेगा। अगर इस तरह का कोई नियम या कानून बनाना था तो इसके लिए व्यापारियाें को पहले सूचित किया जाता और एडवाइजरी जारी करनी चाहिए थी।

कानून का सभी व्यापारी स्वागत करते हैं, लेकिन इस तरह का डर का माहौल अगर पुलिस या प्रशासन बनाएगा तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की इस तरह की कार्रवाई से ग्राहकों में गलत संदेश जाएगा और सभी व्यापारी ही चोरी का माल बेचने वाले साबित हो जाएंगे। व्यापारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई है।

यह हो सकता है कि कुछ लोग गलत तरीके से मोबाइल बेचने के लिए विक्रेताओं के पास आ जाते हैं, लेकिन उनसे भी विक्रेता बिल की मांग करता है। सभी व्यापारियों को एक ही कटघरे में खड़ा करके कार्रवाई करना गलत है। इसे लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी। – ललित शर्मा, सचिव, गाजियाबाद टेलीकॉम एसोसिएशन

पुलिस के पास सर्विलांस है, जो चोरी के मोबाइल पकड़ने के लिए सबसे बेहतर है। किसी का मोबाइल चोरी हो जाए या गुम हो जाए, उसकी रिपोर्ट तक नहीं लिखी जाती और मोबाइल ढूंढ़ने की जहमत तक नहीं उठाई जाती। कार्रवाई के नाम पर विक्रेताओं को परेशान किया जाता है। – अंकित जैन, मोबाइल विक्रेता

व्यापारियों पर अपराधियाें की तरह कार्रवाई का विरोध किया जाता है। अगर पुलिस सहयोग मांगे तो हर व्यापारी तैयार है लेकिन अगर सीधे कार्रवाई सभी दुकानदारों पर एक साथ की जाए तो यह उत्पीड़न है। इसको लेकर बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। – इशु बजाज, मोबाइल विक्रेता

पुलिस ही नहीं अन्य सरकारी विभाग भी जांच के नाम पर मोबाइल विक्रेताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। बाजार में सीधे कार्रवाई करने के लिए पुलिस पहुंचती है और सभी दुकानों पर बिक्री के लिए रखे फोन सील कर देती हैं। ऐसे में व्यापार चलाना भी मुश्किल होगा। – मुखविंदर सिंह, मोबाइल विक्रेता

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