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जर्मनी: 85 मरीजों को जहरीला इंजेक्शन देकर मारने वाली नर्स को उम्रकैद

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ओल्डनबर्ग। विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी की सबसे भयावह हत्याकांड की खूंखार सीरियल किलर नर्स को कोर्ट ने गुरवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 42 साल की नर्स ने इलाज के दौरान 85 रोगियों को जानलेवा इंजेक्शन देकर मौत की नींद सुला दिया था। पुलिस ने उसके द्वारा 200 लोगों की हत्या का शक जाहिर किया है, लेकिन अंत्येष्टि हो जाने से इतनी मौतों की पुष्टि नहीं हो सकी।

जज ने कहा कि इंसान की कल्पना से परे सजा सुनाने वाले उत्तरी ओल्डनबर्ग की क्षेत्रीय अदालत के जज सेबेस्टियन बुहरमान ने हत्यारी नर्स नील्स हेगल द्वारा की गई हत्याओं को इंसान की कल्पना से परे करार दिया है। नर्स ने वर्ष 2000 से 2005 के बीच चुनिंदा रोगियों को घातक इंजेक्शन लगाकर मौत की नींद सुलाया था। 2005 में वह दोबारा पक़़डी गई थी। इससे पहले हेगल छह अन्य हत्याओं के मामले में 10 साल से ज्यादा जेलों में बीता चुकी थी।

130 मरीजों के पोस्टमॉर्टम से पुष्टि नर्स के खिलाफ सबूत जुटाने के लिए अभियोजन पक्ष ने 130 से ज्यादा शवों का पोस्टमॉर्टम कर मजबूत केस बनाया था। पुलिस ने आशंका जताई है कि उसने इस तरह से 200 से ज्यादा लोगों को मारा। हालांकि कोर्ट ने इस दलील को नहीं माना क्योंकि हेगल की याददाश्त में अंतर आ गया है और मौतों के बाद कई मरीजों को पहले ही दफनाया जा चुका था, इसलिए शव परीक्षण संभव नहीं था।

जज ने जताया खेद
जज सेबेस्टियन ने इस बात के लिए खेद जताया कि नर्स द्वारा की गई हत्याओं की संख्या इंसानी कल्पना से परे हो सकती है। कोर्ट को खेद है कि वह संभावित पीडितों में शामिल होगी कि प्रियजनों की मौत पर से पर्दा पूरी तरह हटाने में सक्षम नहीं है। जघन्य कृत्य के लिए मांगी माफी बुधवार को इस केस की अंतिम सुनवाई थी। इस दौरान हत्यारिन नर्स हेगल ने पीडितों के परिजनों से इस जघन्य कृत्य के लिए उसे माफ करने की गुहार लगाई। उसने कहा, ‘मैं जो हुआ उस सबके लिए गंभीरतापूर्वक माफी मांगती हूं।

2008 में हुई थी सात साल की सजा
नील्स को 2005 में डेलमोनहो‌र्स्ट में एक मरीज को बगैर डॉक्टर की सिफारिश के एक इंजेक्शन देते पक़़डा गया था। हत्या के प्रयास के इस मामले में उसे 2008 में सात साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद पीडित अन्य मरीजों के परिजनों के दबाव में उसके खिलाफ 2014-16 में दूसरा मुकदमा शुरू किया गया था। इसमें पांच अन्य रोगियों की हत्या व हत्या के प्रयास के मामले में उसे 15 साल की सजा सुनाई गई थी। तीसरी बार उसके खिलाफ अक्टूबर में सुनवाई शुरू होने पर जज सेबेस्टियन ने कहा था कि हम उन हत्याओं का खुलासा करने का प्रयास करेंगे, जिनकी षर्षो से जांच नहीं हुई है। यह अंधेरे कमरे में रोशनी लाने जैसा है। 

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