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भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी के नाम पार्टी के इस नेता ने लिखा खुला पत्र, जानिए क्या उठाए सवाल

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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री अतुल गर्ग के खिलाफ झंडा बुलंद करने वाले भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी के घोटालों की मुहिम को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं। भाजपा के ही एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने राजेंद्र त्यागी के नाम एक खुला पत्र लिखकर उन्हें कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी से 10 सवाल पूछे हैं और उनसे जवाब मांगते हैं। यह वह सवाल है जो पार्षद रहते नगर निगम में घोटाले और घपले हुए और जिन पर राजेंद्र त्यागी ने कोई सवाल नहीं उठाया और अगर सवाल उठाया भी तो आज तक उसकी प्रगति की कोई जानकारी नहीं है। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी के नाम इस खुले पत्र से साफ है कि केवल भूमि घोटालों को उठाकर ही राजेंद्र त्यागी अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते, बल्कि उन्हें अपने मुद्दों की प्रगति रिपोर्ट भी जनता को बतानी होगी।

भाजपा पार्षद ये पूछे गए है ये सवाल

भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी के नाम 10 सवालों का खुला पत्र

आपके द्वारा विगत दिनों भूमि आवंटन में हो रही घपले बाजी के मामलों को प्रमुखता से उठाया गया, जो निश्चित ही सराहनीय कदम है, लेकिन नगर निगम बोर्ड में पिछले 25 सालों से आप जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को उठा रहे हैं, लेकिन मेरा सवाल यह है कि अब तक आपके द्वारा उठाए गए किसी भी मामले में कोई निर्णय क्यों नहीं हो पाया? आप नगर निगम के सदन के नेता भी जा चुके हैं और जीडीए के बोर्ड मेंबर भी रह चुके हैं। आशा है कि मेरे द्वारा उठाए गए 10 सवालों को आप शहर की जनता के समक्ष जवाब देने का कष्ट करेंगे।

1- नगर निगम ने नियमों को ताक पर रखकर ₹9000 में खरीद कर डस्टबिन घोटाला किया, जो फ्रेम के साथ पूरे शहर में जगह-जगह लगाए गए। लेकिन मौजूदा हालात में नगर निगम क्षेत्र से 80% डस्टबिन गायब हैं। मेरा सवाल यह है कि वह डस्टबिन कहां गए, आपने इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया? यह यह नगर निगम में आप की सक्रियता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

2- नगर निगम ने शहर का कूड़ा उठाने के लिए स्वराज ट्रैक्टर की खरीद की लेकिन यह ट्रैक्टर कूड़ा लोडिंग में तकनीकी रूप से सक्षम थे ही नहीं। इसके बाद भी इन ट्रैक्टरों पर लोडर लगाए गए और बाद में वह कबाड़ में तब्दील हो गए। नगर निगम के इस घोटाले में गाजियाबाद की जनता के खून पसीने की कमाई जो टैक्स के रूप में मिलती है, वह बर्बाद हो गई। लेकिन वरिष्ठ पार्षद होने के बावजूद आपने इस मामले में अपने अनदेखी क्यों की?

3- अवैध यूनीपोल का मामला इस शहर में चर्चाओं का विषय रहा है और करोड़ों का खेल हुआ। बावजूद इसके आप मौन रहे क्यों?

4- वर्ष 2016 में सोडियम स्ट्रीट लाइट घोटाला हुआ। जिसमें पुरानी लाइटों को रिपेयर करके नए डिब्बों में पैक कर नगर निगम को बेचा गया और इसमें करीब 3 करोड रुपए का घपला हुआ। लेकिन इस मामले में भी आप चुप्पी साधे रहें और आपने इस भ्रष्टाचार को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।

5- नगर निगम में आपके कार्यकारिणी सदस्य रहते आपकी नाक के नीचे नंद ग्राम और हिंडन विहार में करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि भू माफियाओं द्वारा बेच दी गई। इस पर आप चुप्पी क्यों साधे रहे? यह एक बड़ा सवाल है।

6- नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद होने की वजह से आप पर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का दायित्व है। लेकिन आज तक आप नगर निगम को कूड़ा डिस्पोजल प्लांट क्यों उपलब्ध नहीं करा पाए?

7- गाजियाबाद शहर को ट्रांसपोर्ट नगर, मीट मार्केट, डेरी फार्म की महती आवश्यकता थी, लेकिन जीडीए बोर्ड में वरिष्ठ सदस्य होने के बावजूद आपने इन सुविधाओं को के उपलब्ध नहीं करवाया?

8- क्या कारण है कि 25 साल होने के बावजूद नेहरू नगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम आज तक नहीं बन पाया?

9- क्या नगर निगम में आपका नेतृत्व होने के बावजूद भ्रष्टाचार खत्म हो पाया?

10- आपने अब तक जितने भी वित्तीय व भूमि घोटाले उठाएं, उनकी अब तक की क्या प्रगति हुई, यह गाजियाबाद की जनता जानना चाहती है।

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