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मोदी सरकार ने किया दलितों, शोषित और पीड़ितों का उत्थान: प्रदीप चौहान

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प्रदीप वर्मा
गाजियाबाद। दिल्ली से सटी हाई प्रोफाइल गाजियाबाद लोकसभा सीट को लेकर महासंग्राम अब अंतिम दौर में है। जिसको लेकर मौजूदा सांसद जनरल वीके सिंह ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा चुनाव प्रबंधन की एक बड़ी फौज और खुद उनका परिवार भी लोकसभा क्षेत्र में पूरी मशक्कत के साथ चुनाव प्रचार कर रहा है। चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता  है दलित वोटर। चुनाव में दलित वोटरों की क्या स्थिति रहेगी और किस तरह का परिणाम देखने को मिल सकता है। इसी पर हमारे संवाददाता ने चर्चा की भाजपा के वरिष्ठ नेता और डॉ अंबेडकर फाउंडेशन में सदस्य रहे प्रदीप चौहान वाल्मीकि से। प्रस्तुत है बातचीत के कुछ अंश:
2019 का चुनाव भाजपा के लिए काफी अहम है। दिल्ली से सटा होने की वजह से गाजियाबाद सीट यूपी का प्रवेश द्वार भी कही जाती है ऐसे में जनरल वीके सिंह के लिए अपनी सीट बचाना कितना महत्वपूर्ण है?
2019 का चुनाव भाजपा के लिए तो अहम है ही, भारत के भविष्य के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। जहां तक गाजियाबाद की बात है गाजियाबाद का अपना एक इतिहास रहा है। 1857 की क्रांति का उदय यहीं से हुआ था, उस समय यह क्षेत्र मेरठ जनपद के अंतर्गत आता था और सैकड़ों लोगों ने देश की आजादी के लिए अपनी आहुति दी थी। इस बार दोबारा जनरल वीके सिंह को जीता कर चुनाव में वोटर अपने वोट की आहुति देंगे।
गाजियाबाद के चुनाव को भारतीय जनता पार्टी किस नजरिए से देखते हैं?
भारतीय जनता पार्टी का नजरिया बीएफ साफ है। देश को अखंड भारत बनाने और पूरे भारत को विकसित करने के लिए भाजपा काम कर रही है। लेकिन दूसरी ओर महागठबंधन बनाकर कुछ राजनीतिक दल अपने स्वास्थ की रोटियां सेक रहे हैं। भाजपा को रोकने के लिए इन्होंने एक ठग बंधन बनाया है। ताकि देश के विकास को और देश की अखंडता को तहस-नहस किया जा सके। इन सभी लोगों पर सीबीआई के मुकदमे चल रहे हैं दूसरी ओर पिछले 55 सालों में कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और घोटालों का अंबर खड़ा कर दिया। अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला, कॉमन वेल्थ घोटाला, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला, कोल घोटाला इन्होंने किया। ऐसा कोई घोटाला नहीं बचा जो इन्होंने ना किया हो और अब फिर से दिल्ली की कुर्सी पर गिद्ध की नजर लगाए हुए हैं।
पिछले साढ़े 4 सालों में सांसद वीके सिंह जनता से दूरी बनाए रहे और अब फिर से जनता के दरबार में हाजिरी लगा रहे। क्या इस बार उन्हें जनता की नाराजगी का सामना नहीं करना पड़ेगा?
जनरल वीके सिंह का एक बड़ा कब है और उनके पास एक ऐसे मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है, जिसकी वजह से उनकी व्यवस्था लाजमी है। लेकिन इस व्यवस्था के बावजूद उन्होंने केवल विदेशों में फसे भारतीयों को वापस लाने का काम किया बल्कि समय मिलने पर वह गाजियाबाद की जनता से भी रूबरू है। इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि जनरल वीके सिंह ने जनता से दूरी बनाए रखें। वीके सिंह के दिल्ली आवास पर लोग अपनी समस्याएं लेकर जाते हैं, साथ ही उनके गाजियाबाद राज नगर सेक्टर-2 स्थित आवास पर भी बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्या लेकर आते हैं। वहां अगर वह मौजूद नहीं रहते तो उनके प्रतिनिधि जनता की समस्याओं का निदान कराते हैं, इसलिए यह कहना कि पिछले साढ़े 4 सालों में उन्होंने जनता से दूरी बनाए रखें यह बिल्कुल गलत है और विपक्ष का मनगढ़ंत आरोप है। जहां तक विकास की बात करें तो पिछले 5 सालों में सांसद वीके सिंह ने गाजियाबाद में 9000 करोड़ रुपए के विकास कार्य की आधारशिला रखी है, जो कार्य आज शुरू हो गए हैं।
मौजूदा चुनावों में दलितों की क्या भूमिका होगी?
केंद्र की मोदी सरकार ने दलितों गरीबों पीड़ितों के लिए सबसे ज्यादा जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू किए हैं जिनका लाभ शोषित पीड़ितों और दलितों को ही नहीं बल्कि मुस्लिम समाज को भी हुआ है। चाहे वह उज्जवला योजना हो, आयुष्मान योजना हो, प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए ढाई-ढाई लाख रुपए, स्वच्छता अभियान, शौचालय निर्माण आदि योजनाओं ने देश के गरीबों की दशा और दिशा दोनों ही सुधारने का काम किया है। इसलिए कहना गलत नहीं होगा कि इस बार बिना जाति भेदभाव के पीड़ित, शोषित, दलित भारतीय जनता पार्टी को वोट करेंगे और केंद्र में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी।
मोदी सरकार पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह संविधान से छेड़छाड़ करके दलित हितों को खत्म करना चाहती है इस पर आपका क्या कहना है?
जहां तक संविधान संशोधन की बात हैं, कांग्रेस ने 55 साल में 72 बार संविधान संशोधन किए हैं। नरेंद्र मोदी ने संविधान में वर्णित कामों को करने का काम किया। महिला कोर्ट और हिंदू कोर्ट बिल कांग्रेस ने पास नहीं किया था। लेकिन वह काम नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2018 में किया। तीन तलाक के मुद्दे को समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को सम्मान देने का काम भी मोदी सरकार ने किया। जहां तक दलितों के हितों की बात है तो मोदी सरकार ने दलितों को सम्मान देने का काम किया है। इसका बड़ा उदाहरण डॉक्टर अंबेडकर के पंचतीर्थ स्थापित करना है। विपक्ष की ओर से जो बार-बार संविधान संशोधन की बात करके दलितों को गुमराह किया जा रहा है, वह निंदनीय और झूठ और फरेब का पुलिंदा है।

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